येरुशलम, 28 अक्टूबर, 2025 (टीपीएस-आईएल) — इज़रायली साइबर सुरक्षा कंपनी लेयरएक्स ने ओपनएआई के चैटजीपीटी एटलस ब्राउज़र में पहली सुरक्षा भेद्यता का पता लगाया है, जिससे हमलावर चैटजीपीटी की मेमोरी में दुर्भावनापूर्ण निर्देश डाल सकते हैं और रिमोट कोड निष्पादित कर सकते हैं। यह खामी हैकर्स को एक्सेस विशेषाधिकार प्राप्त करने, मैलवेयर स्थापित करने या उपयोगकर्ताओं के सिस्टम पर नियंत्रण करने में सक्षम बना सकती है।
लेयरएक्स के शोधकर्ताओं ने पाया कि एटलस उपयोगकर्ताओं को क्रोम या एज उपयोगकर्ताओं की तुलना में फ़िशिंग के प्रति 90% तक अधिक संवेदनशील पाया गया, क्योंकि 103 में से 97 नकली हमले सफल रहे। सीईओ ओर एशेद ने चेतावनी दी कि चैटजीपीटी की मेमोरी सुविधा “हमलों के लिए एक नया अवसर पैदा करती है” और उपयोगकर्ताओं से संदिग्ध लिंक से बचने का आग्रह किया।
इस भेद्यता की समीक्षा के लिए ओपनएआई को रिपोर्ट कर दी गई है।