प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यहूदियों के प्रति नफरत से लड़ने पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधन
यरुशलम: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में यहूदियों के प्रति नफरत से लड़ने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लंबी है और इसके लिए एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं
इस सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, ऑस्ट्रिया के पूर्व चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज, अर्जेंटीना के न्याय मंत्री मारियानो लिबेरोना और अमेरिका के वरिष्ठ वकील लियो टेरेल जैसे कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। ब्राजील के सांसदों एडुआर्डो और फ्लाविओ बोल्सोनारो ने भी शिरकत की।
आतंकवाद और यहूदी-विरोध पर चिंता
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आतंकवाद और यहूदी-विरोध के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहूदी-विरोध एक प्राचीन बीमारी है जो सदियों से चली आ रही है और यह न केवल यहूदी लोगों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यहूदी-विरोध का मुकाबला करने के लिए हमें सच्चाई और साहस के साथ खड़ा होना होगा।
इजरायल की रक्षा और वैश्विक सुरक्षा
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल केवल अपनी रक्षा नहीं कर रहा है, बल्कि वह पश्चिमी सभ्यताओं और पूरी दुनिया की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान जैसे देश परमाणु हथियार हासिल कर लेते हैं, तो दुनिया के सभी शहर खतरे में पड़ जाएंगे।
यहूदियों से एकजुट रहने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के यहूदियों, विशेषकर युवा यहूदियों से डरने या झुकने के बजाय अपनी आवाज उठाने और लड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इतिहास उन लोगों को याद रखेगा जिन्होंने सच्चाई के लिए खड़े होने का साहस दिखाया।
भविष्य की आशा
नेतन्याहू ने आशा व्यक्त की कि अगले साल तीसरे सम्मेलन में दुनिया एक बेहतर, उज्जवल और अधिक सत्यनिष्ठ दुनिया में मिलेगी। उन्होंने कहा, "अगर हम लड़ते हैं, तो हम जीतेंगे, और हम जीतेंगे।"
सम्मेलन में एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें प्रधानमंत्री नेतन्याहू का पूरा भाषण शामिल था।

































