पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने पैकेजिंग कचरे से निपटने के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया है
नई दिल्ली: पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने आज (20 नवंबर) पैकेजिंग कचरे के बाजार को विनियमित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय ने सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए “पैकेजिंग से निपटने के विनियमन के लिए कानून, 2011” में संशोधन के लिए एक कानूनी ज्ञापन (Memorandum of Law) जारी किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करना, पैकेजिंग कचरा बाजार को संतुलित और पर्यवेक्षित प्रतिस्पर्धा के लिए खोलना, रीसाइक्लिंग दरों को बढ़ाना और निर्माताओं व आयातकों द्वारा कानून के कार्यान्वयन की निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत करना है।
यह प्रस्ताव जुलाई 2024 में अंतर-मंत्रालयी टीम की सिफारिशों के बाद आया है, जिसने पैकेजिंग कचरा बाजार को प्रतिस्पर्धा के लिए खोलने का अध्ययन किया था। सिफारिशों में कहा गया था कि पैकेजिंग कानून के तहत मान्यता प्राप्त निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए विधायी संशोधन की आवश्यकता है, ताकि जनता को उचित स्तर की सेवा मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण मंत्री इदित सिلمन ने कहा, “हम कचरा क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं, इस बार पैकेजिंग बाजार को मान्यता प्राप्त निकायों के बीच पर्यवेक्षित प्रतिस्पर्धा के लिए खोलकर। इससे उपभोक्ताओं के लिए सेवाएं बेहतर होंगी और रीसाइक्लिंग लक्ष्य बढ़ेंगे। पैकेजिंग कानून में संशोधन लैंडफिलिंग को कम करने, चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और घरेलू कचरे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यावहारिक कदम उठाएगा, जिसमें पैकेजिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे स्थानीय अधिकारियों के लिए सालाना लाखों शेकेल की बचत होगी और जनता को बेहतर सेवा मिलेगी।”
प्रस्तावित प्रमुख संशोधनों में यूरोपीय संघ के मानकों के अनुसार रीसाइक्लिंग लक्ष्यों को बढ़ाना, घरेलू क्षेत्र के लिए एक रीसाइक्लिंग लक्ष्य निर्धारित करना (जिसके अनुसार घरों से कम से कम 50% पैकेजिंग कचरा एकत्र किया जाएगा), और मान्यता प्राप्त निकायों के बीच बाजार खोलना शामिल है। इसके अलावा, प्लास्टिक, कांच, धातु, कागज और कार्डबोर्ड जैसी सामग्रियों से बने अतिरिक्त उत्पादों के लिए रीसाइक्लिंग डिब्बे के उपयोग का विस्तार किया जाएगा। निर्माताओं और आयातकों के लिए एक पारदर्शी रजिस्ट्री में अनिवार्य पंजीकरण की भी योजना है ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों पर बेहतर नियंत्रण और कार्रवाई हो सके।
यह कानूनी ज्ञापन 20 नवंबर, 2025 से 10 दिसंबर, 2025 तक सरकारी विधान वेबसाइट पर सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुला रहेगा।
यह कदम मंत्रालय की 2030 की रणनीति का एक केंद्रीय हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन में सुधार करना और एक स्थायी कचरा अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।